इकरार


इकरार
इकरार-ए-मोहब्बत बयाँ करते गुलशन-ए-फलक की दिवानगी तक
क्यों रंज हो जाता है गुस्ताखी के मुकाम पर;
छोटी-छोटी बातों पर तकरार का मजा ही कुछ और होता था,
आज वो छोटी सी नादानी पर मेहरबाँ न होकर चले गये
शायद फिदरत की नजरों में बयाँबा हो गये या अपनी जिंदगी की नज़म में आप ही खो गये...
सुरमा तारीफे काबलियत की हमद में लगा रखा था,
जिस ओर मैनें तेरी नजरों का ज़ाम पिया था,
ज़रा एकबार रुख से अपने शोख फसाने को तो हटा ले
मैपरस्ती का शौख बेइख्तियार न हो जाए...
बस एक नजर पर हम आपको बेहोश पड़े मिल ही जाएगें,
पर क्या आप भी मुझे और गिरने से बचा पाएँगे...?
तमन्ना है तेरी आवाज में शाम-ओ-सहर हो जाए
नजात मेरे रुह को और तुझे जमाने की रौनक मिल जाए...।

वैसे तो मैं उर्दू के संगत में अभी तक नहीं आया हूं किंतु भावनाओं
के सहारे कुछ कहने का प्रयास किया है--थोड़ा गौर फरमाएं इसमें गलतियाँ
हो सकती हैं--

6 comments:

महावीर said...

आपकी इस काविश में जज़्बातों को बड़े उमदा ढंग से इज़हार किया गया है। "शायद
फिदरत की नज़रों....." में 'फिदरत' जो लफ़्ज़ इस्तेमाल किया है, कहीं आपका मतलब
'फ़ितरत' से तो नहीं है? लुग़ात (उर्दू शब्दकोश) में 'फिदरत' लफ़्ज़ मिला नहीं।
पूरी नज़म क़ाबिले तारीफ़ है। आप ग़ज़ल लिखने की तरफ़ भी अपनी क़लम चला
कर देखिए, अच्छी ग़ज़ल लिख सकते हो। अगर उर्दू लिपि पढ़ना जानते हो तो एक
मश्वरा देता हूं कि ज-ज़, क-क़, फ-फ़ आदि के फ़र्क़ को सही इस्तेमाल करने से उर्दू
शायरी में जान आ जाती है।
हां, आपने मेरे ब्लाग 'महावीर' पर जिस कविता पर टिप्पणी दी थी, वह कविता मेरी
नहीं, श्रीमती लावण्या शाह जी की थी। मैं ने वहीं पर उस का उत्तर भी दे दिया है, जो आप
पढ़ सकते हो।
महावीर शर्मा

divyabh aryan said...

Thanku very much sir for such a beautiful advice.wo phitarat me bartani ki galati ho gayi hai aur bindu wale shabd mai type karane me asamarth tha.Mujhe aisi hi aapki drishti milti rahegi umeed karta hun.

Ranjana said...

बहुत अच्छा लगा आपका ब्लॉग पदना ....

ranju

Girindra Nath Jha said...

आप सबकुछ सहजता से पेश करते है अच्छा लगता है

divyabh aryan said...

hello Ranju,
आपका बहुत‍ २ धन्यवाद जो इतना सराहा
आपके और हौसला अफजाई का इंतजार रहेगा...।
संगीत के लिये In My Blog there is I WeB Music barपर click करें तो आप उसके site पर चली जाएगी वहाँ पर पहले Open ur Free account than...Artist का नाम अपलोड करें बाद में गाने का नाम और यह एक code बना देगा जिसे अपने टेम्पलेट पर लगाना होगा...aur haan es me pahale se kafi gaane upload hai aap usame se bhi chun sakati hain...

Hello Girindra...goot to see u again thnx 4 ur compliment...

manya said...

hi divya.. urdu mein ek achhi koshish hai,.. par there was somethng missing .. read it many times n felt the same.. n u ddnt replied to my question on my blog..