Sunday 2 January 2011

नया साल मुबारक!!!!

कुछ छूट रहा है मुझसे गहराते दरियाओं का शहर,
आज आ गया है मुझसे मिलने और नया आरंभन,
बस दो पल के लिए बिखर जाऊँ उस घने आगोश में,
रोज नया आरोहन हो ऐसे सघन आगोश में॥
नये साल की मेरी तरफ से ढेरों शुभकामनाएँ।
HAPPY NEW YEAR TO ALL MY FRIENDS

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