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प्रीत की लगन या मुक्ति मार्ग
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अनंत मन टटोल…
का कहूँ उस प्रीत की…
तस्वीर
दर्शन की बूंद पड़ी…
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प्रेम पंथ ऐसो कहाँ…
प्रेम रस की ओढ़ चदरिया…
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Nalanda -- हमारी धरोहर है।
"नालंदा" जिसका अर्थ है ज्ञान बाँटने वाला , जहाँ से भारत में सांस्कृतिक व दार्शनिक विचारधारा का सूत्रपात हुआ। जिस समय विश्व अपने अ...
वहाँ भी अनंत...यहाँ भी!!!
वहाँ भी सरक कर पत्तों से बूंदे अनंत में घुल जाती हैं यहाँ भी शब्द ह्रदय की गहराइयों से टपक कर अनंत बन जाती है। शुरू का बोध अगम्य निश्छल ...
प्रश्नों की भौतिक भूमि पर खड़ा “द्रष्टा”
“हमेशा चाहना यही होती है कि पूछा जाये मुझसे मेरी निकटता के दो प्रश्न…उलझु न जिसमें ‘मैं’ और दंभ पुलकित होता हो, शायद ही कभी अपने सपनों की दो...
एक "BIHARI" सौ बीमारी…।
हम भी भारत माता के वक्ष हैं देखो न…कैसे गंगा बह रही है दूध की तरह… 'सफर' का कोई कारण तो होता नहीं… राह सामने हो तो कदम कुछ पाने की...
Incredible India...! अतुल्य भारत…???
Incredible India...! अतुल्य भारत…? अचानक मैं घोड़े की टाप से रौंदा जाने लगा, चेहरे से रक्त की धार फूटने लगी, मेरा हरा-भरा बाग जिसमें ...
River Valley to Silicon Valley: एक समीक्षा
आज बहुत दिनों बाद या यों कहा जाए कि पहली बार किसी पुस्तक की समीक्षा करने का मौका मिला जो मेरे लिए एकदम अलग अनुभव रहा…कई दिनों से यह इच्छा थ...
इतना सबकुछ बाहर है…"फिर-भी"……
मौज़ों में फैला आध्यात्म अज्ञानों पर बैठी गीता-गान है, नि:सीम शून्य अनंत में पंखों पर उड़ती आशा है , उत्सव ही उत्सव मदिरालय में उसके, क्य...
खुशबू है 'वह' विभिन्न रंगों की…!!!
थोड़ा-थोड़ा साथ उसी का, सत्य भी है अखंड भी … मेरे अंगों की खुशबू, मेरा अहंकार है वह … अफसाना भी है वह , कोई तराना भी है … लेखक की कल्पना...
पुत्र का ख़त पिता के नाम…!!!
अनायास ही मन हो आया लिखूं आपको अपनी भाषा का एक ख़त, पिता हैं आप ! शायद समझेगें पुत्र का दर्द …। आज जाकर वह वेला आई है जब उभरे है कागज पर अक्ष...
आशा का नभ है विशाल…।
जाने कितनी ही सुबह बीत गई रात को तकने के बहाने पर याद रहा मेरा यही साथी जो साथ चला था तन्हाइयों में उस वक्त… अपने फिल्म को लेकर इतना व्यस्त ...
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